ओशो का डायनामिक ध्यान (Osho Dynamic Meditation) एक अनूठी ध्यान विधि है, जिसे ओशो ने आधुनिक जीवनशैली और भीतर दबे हुए भावनात्मक तनाव को मुक्त करने के लिए बनाया है। यह १ घंटे का अभ्यास है और इसे पाँच चरणों में किया जाता है। इसे सुबह खाली पेट, खुले स्थान पर या ध्यान कक्ष में करने की सलाह दी जाती है। यहां इसके चरण दिए गए हैं:
पहला चरण: १० मिनट (गहरी और तीव्र श्वास-प्रश्वास)
- अपनी नाक से गहरी और तेज़ श्वास लें और छोड़ें।
- अपनी ऊर्जा को अपने पूरे शरीर में प्रवाहित होने दें।
- श्वास-प्रश्वास अनियमित हो, लेकिन जितना तीव्र हो सके उतना करें।
- सिर्फ श्वास पर ध्यान केंद्रित करें।
दूसरा चरण: १० मिनट (कथार्सिस - भावनाओं की अभिव्यक्ति)
- अपनी दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालें।
- चिल्लाएं, रोएं, हंसें, नाचें, या अपना शरीर झटकें।
- जो भी भीतर है, उसे बिना रोके और बिना दबाए अभिव्यक्त करें।
तीसरा चरण: १० मिनट ("हु-हु-हु" मंत्र के साथ उछलना)
- अपने हाथ ऊपर उठाएं और "हु-हु-हु" की आवाज करते हुए उछलें।
- इस ध्वनि का कंपन अपने शरीर के ऊर्जा केंद्रों में महसूस करें।
- पूरी ताकत के साथ यह मंत्र बोलें।
चौथा चरण: १५ मिनट (शांत स्थिरता)
- अचानक रुक जाएं। जहां हैं, जैसे हैं, वहीं स्थिर खड़े हो जाएं।
- अपनी आँखें बंद रखें और अपने शरीर को स्थिर रहने दें।
- केवल अपने भीतर की गतिविधियों को साक्षी भाव से देखें।
पाँचवां चरण: १५ मिनट (आनंदमय नृत्य)
- अपनी आँखें खोलें और अपनी भावनाओं के साथ नृत्य करना शुरू करें।
- पूरी आज़ादी के साथ अपने शरीर को बहने दें।
- यह चरण जीवन का उत्सव है, इसे प्रेम और कृतज्ञता के साथ महसूस करें।
महत्वपूर्ण बातें:
- डायनामिक ध्यान के लिए खास संगीत तैयार किया गया है, जो हर चरण के लिए अलग होता है। यह आपको प्रक्रिया में गहराई से जाने में मदद करता है।
- शुरुआत में यह ध्यान शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन इसे नियमित रूप से करने पर गहरा परिवर्तन अनुभव होता है।
- आप इसे अकेले या समूह में कर सकते हैं।
अगर आप इसे आज़माते हैं, तो अपने अनुभव ज़रूर साझा करें। 🙏
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